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अग्नि में अर्पित करें ये सामग्री, दूर होंगे ग्रह दोष और बाधाएं

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन जलाई जाने वाली पवित्र अग्नि में नकारात्मकता, कष्ट और ग्रह दोष समर्पित करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। कई लोग मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलने, विवाह में देरी, नौकरी में रुकावट या आर्थिक समस्याओं से परेशान रहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलिका दहन इन बाधाओं को दूर करने का शुभ अवसर माना जाता है।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक वर्ष 2026 में 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। रात 11 बजकर 50 मिनट का समय विशेष रूप से शुभ बताया गया है (स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर संभव है)। इस मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष फल प्राप्त होता है।

होलिका पूजन के बाद अग्नि की 11 बार परिक्रमा करना शुभ माना गया है। परिक्रमा करते समय अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करनी चाहिए। मान्यता है कि इससे ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।

अग्नि में नारियल, गुड़-चना, काले तिल, पीली सरसों और नई फसल की बालियां अर्पित करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इन वस्तुओं को समर्पित करने से आर्थिक कष्ट कम होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और विवाह व करियर में आ रही अड़चनें समाप्त होती हैं।

होलिका दहन का संदेश केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें ईर्ष्या, क्रोध और अहंकार जैसी नकारात्मक भावनाओं को त्यागकर नई शुरुआत करने की प्रेरणा भी देता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए उपाय मानसिक शांति और आत्मबल प्रदान करते हैं।

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