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"अदालत को हल्के में न लें"; 200 करोड़ के महाठगी मामले में पेश न होने पर नोरा फतेही को दिल्ली कोर्ट की कड़ी फटकार, 6 नवंबर को पेशी का नया समन

योगराज शर्मा2 मिनट में पढ़ें

विधि एवं क्राइम डेस्क | नई दिल्ली; कथित महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के रंगदारी व जबरन वसूली मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री व डांसर नोरा फतेही को कड़ी फटकार लगाई है। सोमवार को बतौर गवाह (Prosecution Witness) अदालत में पेश न होने और पेशी से छूट की अर्जी लगाने पर विशेष न्यायाधीश ने नाराजगी जाहिर करते हुए साफ कहा कि कोर्ट को हल्के में न लिया जाए। इसके साथ ही अदालत ने नोरा फतेही को 6 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से गवाही दर्ज कराने के लिए नया समन जारी किया है।

"आचरण संतोषजनक नहीं, अदालत को हल्के में न लें"

सोमवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अदालत को बताया कि नोरा फतेही को पूर्व आदेश के तहत 22 अक्टूबर को ईमेल व वॉट्सऐप पर समन भेजा गया था और फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी पेशी को लेकर कोई स्पष्ट सूचना नहीं थी।

इसी बीच अभिनेत्री के वकील ने अदालत में याचिका दाखिल कर व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग की। इस पर विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

"वे इस मामले में एक महत्वपूर्ण अभियोजन गवाह हैं और उन्हें अदालत में उपस्थित होना चाहिए था। उनका यह आचरण उचित नहीं है। अदालत को हल्के में न लें।"

क्या है 200 करोड़ की जबरन वसूली का मामला?

  • रोहिणी जेल से रंगदारी रैकेट: मामला जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर द्वारा चलाए जा रहे जबरन वसूली नेटवर्क से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश ने 2020-21 के दौरान रोहिणी जेल में रहते हुए वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बनकर पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से लगभग 200 करोड़ रुपये की ठगी की थी।

  • MCOCA के तहत कार्रवाई: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मकोका (MCOCA) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।

मामले में नोरा फतेही की भूमिका

  • सरकारी गवाह के रूप में नाम: दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के बाद सीआरपीसी की धारा 164 के तहत नोरा फतेही का बयान दर्ज किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने पूरक आरोप पत्र में उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाह (Listed Witness) के तौर पर शामिल किया था।

  • सुकेश से जुड़ाव पर रुख: जांच एजेंसियों को दिए अपने पूर्व बयानों में नोरा फतेही ने स्पष्ट किया था कि उनका सुकेश चंद्रशेखर से सीधा संपर्क नहीं था, बल्कि बातचीत उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल के माध्यम से हुई थी। चेन्नई में दिसंबर 2020 में आयोजित एक कार्यक्रम और उपहारों के लेनदेन के सिलसिले में उनसे पूछताछ की गई थी।

अदालत ने अब नोरा फतेही को अंतिम निर्देश देते हुए 6 नवंबर को स्वयं उपस्थित होकर अपने बयान व साक्ष्य दर्ज कराने का आदेश दिया है।

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली