इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


महाभारत के युद्धभूमि कुरुक्षेत्र में,
जब अर्जुन मोह, भय और भ्रम में डूब गए थे,
तब श्रीकृष्ण ने उन्हें जो ज्ञान दिया — वही है श्रीमद्भगवद्गीता।
यह सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।
“जिसके मन में अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण नहीं है,
उसे न शांति मिलती है, न संतोष।”
गीता कहती है —
जब मन में उद्देश्य नहीं होता,
तो व्यक्ति दूसरों की राय, भय और असफलताओं में उलझ जाता है।
लक्ष्य ही जीवन को स्थिरता देता है।







