इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


हिंदू पूजा-पाठ में फूलों का विशेष महत्व है। हर देवी-देवता को कुछ विशेष फूल और रंग प्रिय माने जाते हैं, क्योंकि ये उनके गुण, ऊर्जा और प्रकृति के अनुरूप होते हैं। सही फूल चढ़ाने से पूजा अधिक प्रभावी होती है और मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।
भगवान गणेश को लाल फूल अति प्रिय हैं। लाल गेंदे या लाल जूही बुद्धि और बाधा-निवारण में मदद करते हैं। देवी लक्ष्मी को सफेद या गुलाबी कमल अत्यंत पसंद है, जो धन, सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक है। भगवान शिव के लिए सफेद फूल जैसे जूही या ब्रह्मकमल उपयुक्त माने जाते हैं, ये मानसिक शांति और मोक्ष के लिए शुभ हैं।
भगवान विष्णु को तुलसी का फूल या पत्ता अति प्रिय है, जो स्वास्थ्य, सुरक्षा और समृद्धि लाता है। देवी दुर्गा को लाल गुड़हल चढ़ाना शुभ होता है, यह शक्ति और संकट निवारण का प्रतीक है। भगवान कृष्ण को चमेली या गुलाब चढ़ाने से प्रेम, भक्ति और मानसिक शांति मिलती है। सूर्य देव को लाल कमल अर्पित करना ऊर्जा और सफलता के लिए लाभकारी माना जाता है, वहीं हनुमान जी के लिए लाल गेंदे शक्ति और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने में सहायक हैं।
इस प्रकार, पूजा में फूल का सही रंग और प्रकार चुनना बेहद जरूरी है। यह न केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, बल्कि धन, स्वास्थ्य, शक्ति और भक्ति सभी क्षेत्रों में शुभ परिणाम देता है।







