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क्या आपकी कुंडली में है कालसर्प दोष? बिना महंगे अनुष्ठान इस आसान उपाय से मिल सकती है राहत

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को एक गंभीर और अशुभ योग माना गया है. मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में यह दोष होता है, उन्हें जीवन में मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी, कार्यक्षेत्र में रुकावटें और वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार व्यक्ति मेहनत के बावजूद सफलता से दूर रह जाता है, जिसका कारण कालसर्प दोष माना जाता है.

इस दोष के निवारण के लिए आमतौर पर लोग महंगे और जटिल पूजा-पाठ व अनुष्ठानों का सहारा लेते हैं. खास तौर पर शिव मंदिरों, तीर्थ स्थलों और सिद्ध पीठों पर विशेष विधि-विधान से पूजा कराई जाती है, जिसमें समय और धन दोनों अधिक लगता है. लेकिन करौली के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु पं. हरिमोहन शर्मा के अनुसार, कालसर्प दोष को शांत करने के लिए हर बार भारी अनुष्ठान जरूरी नहीं होते.

पं. हरिमोहन शर्मा बताते हैं कि गरुड़ जी का पेंडल धारण करना कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने का एक सरल और प्रभावी उपाय है. शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गरुड़ जी को नागों के स्वामी और भगवान विष्णु का वाहन माना गया है. गरुड़ जी की कृपा से नाग दोष और सर्प से जुड़े कष्ट शांत होते हैं.

धार्मिक ग्रंथों में भी गरुड़ जी की महिमा का उल्लेख मिलता है. कहा जाता है कि रामायण काल में भी नागों से जुड़े संकटों के समाधान में गरुड़ जी की भूमिका रही है. मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ गरुड़ पेंडल धारण करने से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और जीवन में स्थिरता व आत्मविश्वास बढ़ता है.

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