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मनजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे के बाद उत्पन्न स्थिति के संबंध में कानूनी राय के तहत काम करेंगे: हरमीत सिंह कालका
जनरल हाउस बुला कर जल्द कार्यकारिणी चुने जाने के लिए अदालत व गुरुद्वारा निदेशक से अपील करेंगे
अकाली दल के सभी 30 सदस्यों द्वारा पार्टी के साथ डट कर खड़े होने का ऐलान
नई दिल्ली, 2 दिसंबर: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने दिल्ली और केन्द्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वह गुरुद्वारा प्रबंधों में दखल देने से गुरेज़ करें और ऐलान किया कि अगर सरकारों ने गुरुद्वारों प्रबंधों में दखल दिया तो पंथक संस्थाएं इस अत्याचार का डट कर मुकाबला करेंगी।
यहां दिल्ली कमेटी के नवनिर्वाचित अकाली दल के 30 सदस्यों के साथ एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के महासचिव व शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष स. हरमीत सिंह कालका ने कहा कि जो संवैधानिक संकट आया है वह इस बार के दिल्ली कमेटी चुनावों में तथा उसके बाद उत्पन्न हुई स्थिति में दिल्ली व केन्द्र सरकार दोनों के द्वारा गुरुद्वारा प्रबंध में दखल देने व गुरूधामों पर कब्ज़े करने के प्रयासों का परिणाम है। यह सरकारें अकाली दल का चुनाव चिन्ह छीनने से लेकर अब तक साजिशें रच रही हैं। जिसे बिल्कुल बर्दाशत नहीं किया जाएगा तथा साजिश करने वालों को मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। अगर यह दखल जारी रहा तो इसके प्रणाम गंभीर भी हो सकते हैं।
स. मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा कमेटी की अध्यक्षता से दिए इस्तीफे व उनके भाजपा में शामिल होने के फैसले को स. कालका ने निजी फैसला करार देते हुए कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी का प्रबंध चलाने के लिए हम उत्पन्न हुई स्थिति के संबंध में कानूनी राय ले रहे हैं और कानून के जानकारों के साथ विचार-विमर्श कर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। हम अदालत तक भी पहुंचेगे और गुरुद्वारा निदेशक के पास भी जाएंगे कि नवनिर्वाचित सदस्यों का जनरल हाउस जल्द बुलाया जाए और नई कार्यकारिणी के चुनाव करवाए जायें ताकि कमेटी के प्रबंध, कमेटी के गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध और कमेटी के अधीन चलने वाले स्कूल व कालेजों सहित अन्य शैक्षिणक संस्थानों, मैडिकल संस्थान जैसे अस्पताल, डिस्पेंसरी आदि के साथ-साथ कमेटी की सभी संस्थाओं प्रबंध सुचारू ढंग से चलाये जा सकें। संगत के फैसले का आदर करते हुए जल्द से जल्द कार्यकारिणी के चुनाव करवाना अत्यंत जरूरी है।
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए स. कालका ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने इन चुनावों में 27 सीटें जीती थीं इसके बाद एक अन्य सदस्य हमारी पार्टी को संगत द्वारा दिये बहुमत को देखते हुए हमारी पार्टी में शामिल हुआ पश्चात कोआपशन के माध्यम से निकले ड्रा में चुने गए सदस्यों की बदौलत अब 30 सदस्य शिरोमणि अकाली दल के हैं जो 51 सदस्यीय जनरल हाउस में बड़ा बहुमत है। शिरोमणि कमेटी द्वारा नये सिरे से सदस्य मनोनीत करने के सवाल के जवाब में स. कालका ने कहा कि पार्टी इस मामले पर विचार कर रही है और जल्द ही इसका फैसला लिया जाएगा।
सिख कौम के मामलों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में स. कालका ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल का 100 वर्ष का गौरवमई इतिहास है जिसमें अकाली दल ने कौम की अनेक लड़ाईयां जीती हैं इसलिए केवल अकाली दल ही सिख कौम की एकमात्र नुमाईंदा ज़मात है। सिख कौम के मसलों के प्रति जो संजीदगी अकाली दल ने हमेशा दिखाई है उसकी आशा किसी अन्य से रखना भी गलत करने के बराबर है। भविष्य में भी कौम के मसलों के प्रति अकाली दल संजीदगी से डटा रहेगा और सभी को हल करने के लिए काम करता रहेगा।
इस मौके पर मौजूद सदस्यों में बीबी रंजीत कौर, हरविंदर सिंह केपी, बलबीर सिंह, अमरजीत सिंह पप्पू, विक्रम सिंह रोहिणी, भूपिंदर सिंह भुल्लर, गुरमीत सिंह भाटिया, जगदीप सिंह काहलों, सुखविंदर सिंह बब्बर, आत्मा सिंह लुबाना, अमरजीत सिंह पिंकी, गुरदेव सिंह, गुरप्रीत सिंह जस्सा, हरजीत सिंह पप्पा, जसबीर सिंह जस्सी, जसमेन सिंह नोनी, जसप्रीत सिंह करमसर, मोहिंदरपाल सिंह चड्ढा, परविंदर सिंह लकी, राजिंदर सिंह घुघी, रमनदीप सिंह थापर, रमनजोत सिंह मीता, रमिंदर सिंह स्वीटा, सर्वजीत सिंह विर्क, सतिंदरपाल सिंह नागी, सुरजीत सिंह शामिल रहे।
मुख्य संवाददाता, योगराज शर्मा वटसअप - 7011490810 आज की दिल्ली, नेशनल ओनलाइन मैग्जीन (आज की दिल्ली अखबार भी वर्ल्ड ह्यूमन राइटस ओर्गेनाइजेशन समूह का ही एक पब्लिकेशन है)