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धर्म प्रचार कमेटी द्वारा दिल्ली के एतिहासिक गुरुद्वारों में करवाई जायेगी गुरु ग्रन्थ साहिब की ‘‘संथ्या’’
नई दिल्ली 5 सितम्बर: शिक्षक दिवस के मौके पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी धर्म प्रचार के चेयरमैन जसप्रीत सिंह करमसर ने कहा कि हर गुरसिख के लिए गुरु ग्रन्थ साहिब से बड़ा कोई शिक्षक नहीं हो सकता इसलिए जिसने भी गुरु ग्रन्थ साहिब की बाणी को पढ़कर, समझकर अपने जीवन में अपना लिया उसके सभी कार्य स्वयं ही पूरे होते चले जाते हैं।
सः जसप्रीत सिंह करमसर ने कहा गुरु अर्जुन देव जी ने गुरु साहिबान, संत महापुरुष, भग्त साहिबान की बाणी को एकत्र कर एक ऐसा ग्रन्थ तैयार किया जिसमें हिन्दु मुस्लिम, उंच नीच का भेदभाव दूर कर सभी को एक सामान जानकर उनकी बाणी उसमें दर्ज की गई। उसके बाद गुरु गोबिन्द सिंह जी ने ना सिर्फ गुरु ग्रन्थ साहिब में गुरु तेग बहादुर जी बाणी जोड़कर उसे सम्पूर्ण किया बल्कि गद्दी सौंप गुरु का दर्जा देते हुए सभी सिखों को गुरु ग्रन्थ साहिब को जीवित गुरु मानने का आदेष दिया। मगर अफसोस कि आज की युवा पीड़ी गुरुद्वारों में जाकर गुरु ग्रन्थ साहिब को नतमस्तक तो होती है पर उसे पढ़ने यां फिर समझने की कोशिश नही ंकी जाती। जिसके चलते दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी की धर्म प्रचार कमेटी ने एक मुहिम शुरु की है जिसके तहत सोमवार, मंगलवार, बुधवार को सुबह 10 से 11 बजे तक गुरु ग्रन्थ साहिब की बाणी का शुद्ध उच्चारण सिखाया जायेगा। इसी प्रकार वीरवार और शुक्रवार को गुरुद्वारा शीशगंज साहिब और शनिवार, रविवार को गुरुद्वारा नानक प्याउ साहिब में इस कार्यक्रम को किया जायेगा। उन्होंने सभी सिख संगतों से अपील की है कि जो सिख परिवार अभी भी गंरु ग्रन्थ साहिब का पाठ करने में स्वयं को सक्षम नहीं समझते वह स्वयं भी आएं और अपने बच्चों को भी यहां लेकर आएं ताकि गुरबाणी का शुद्ध उच्चारण सीखकर वह गुरु ग्रन्थ साहिब का पाठ ना सिर्फ करें बल्कि समझते हुए अपने जीवन में उनकी शिक्षाओं को अपनाएं भी।
सः जसप्रीत सिंह करमसर ने कहा मैं दावे के साथ कह सकता हूं जिस किसी ने गुरु ग्रन्थ साहिब की बाणी में से एक श्लोक, पंक्ति को सही मायने में उसके अर्थ समझकर अपना लिया उसका जीवन स्वयं ही बदल जाएगा और अपने जीवन में हर तरह का सुख, समृद्धि हासिल कर लेगा।