इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


रिपोर्ट - जितेश सोनी चूरू। श्रीऋषिकुल ब्रहमाचार्यश्रम के 72 वें वार्षिकोत्सव पर त्रंयम्बकेश्वर महाराज के चित्र के आगे ब्रह्माचार्यों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। त्रयम्बकेश्वर महाराज ने ब्रह्माचार्यों को गुरू के महत्त्व पर जानकारी देते हुए बताया कि गुरू वहीं जो विद्यार्थी को प्रकाश की ओर लेकर जाएं। अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाएं, वह गुरू है। मृत्यु की विभिषिका से बचकर मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग बतलाएं। वह गुरू है।वार्षिकोत्सव पर ब्रह्मचारियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी को मन मोह लिया। न्यास ईश्वर प्रसाद पटवारी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस मौके पर त्रयम्बकेश्वर महाराज ने ब्रह्माचार्यों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। संस्था सचिव सुशील बजाज ने आभार व्यक्त किया।
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