इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित एक धार्मिक कथा कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवतियों और बच्चों को संबोधित करते हुए एक बयान दिया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। कथा के मंच से उन्होंने कहा, “तुम दुर्गा बन, काली बन लेकिन कभी न बुर्के वाली बन।”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। समर्थकों का कहना है कि उनका आशय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को अपनाने के संदेश से था। वहीं आलोचकों का मानना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। शास्त्री ने अपने संबोधन में युवाओं से धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने बेटियों को शक्ति स्वरूपा बताते हुए उन्हें देवी दुर्गा और काली की तरह साहसी और निर्भीक बनने का संदेश दिया।
हालांकि ‘बुर्का’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अब देखना होगा कि इस बयान पर प्रशासन या राजनीतिक दलों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।







