इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


हिंदू धर्म में काल भैरव को संकटों का नाश करने वाला और भक्तों की रक्षा करने वाला देवता माना जाता है. उनका स्वरूप भले ही उग्र दिखाई देता हो, लेकिन सच्चे मन से पूजा करने वालों पर उनकी कृपा अत्यंत शीघ्र होती है. मान्यता है कि काल भैरव की उपासना से भय, शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव दूर होता है. खासतौर पर कालाष्टमी का दिन भैरव बाबा की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है.
शास्त्रों के अनुसार, भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए कठिन साधना या महंगे अनुष्ठानों की आवश्यकता नहीं होती. कुछ सरल उपाय भी जीवन में शांति, सुरक्षा और स्थिरता ला सकते हैं.
भैरव बाबा का वाहन कुत्ता माना जाता है. काले कुत्ते को रोटी, दूध या मीठा भोजन कराना अत्यंत शुभ होता है. यदि काला कुत्ता न मिले तो किसी भी कुत्ते को भोजन कराया जा सकता है. इससे भय और पितृ दोष शांत होते हैं.
शनिवार या कालाष्टमी के दिन भैरव मंदिर या पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं.
नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र या “ॐ भैरवाय नमः” का जाप करने से मानसिक बल और आत्मविश्वास बढ़ता है.
भैरव चालीसा या काल भैरव अष्टक का पाठ करने से जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होती हैं
काले तिल या उड़द का दान करने से शनि दोष और भय संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है.







