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दिल्ली सरकार सभी 2 करोड़ दिल्लीवासियों को कोविड वैक्सीन निशुल्क मुहैया कराए - चौ0 अनिल कुमार

Journalist Today Network5 मिनट में पढ़ें

दिल्ली सरकार सभी 2 करोड़ दिल्लीवासियों को कोविड वैक्सीन निशुल्क मुहैया कराए - चौ0 अनिल कुमार

दिल्ली की 2 करोड़ आबादी में 95 प्रतिशत आबादी को निशुल्क टीके का वादा कर केजरीवाल सरकार मुकर रही है- चौ0 अनिल

कुमार

पहले चरण में शुरु किए जाने वाले टीकाकरण कार्यक्रम में कोरोना यौद्धाओं की तर्ज पर पत्रकारों को भी शामिल किया जाना चाहिए।- चौ0 अनिल कुमार

नई दिल्ली, 12 जनवरी, 2021 - दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के मुख्मंत्री अरविन्द से यह मांग की कि 16 जनवरी, 2021 से देश भर में शुरु किए जाने वाले टीकाकरण कार्यक्रम के अर्न्तगत दिल्ली में भी सभी 2 करोड़ लोगों को निशुल्क वैक्सीन दी जानी चाहिए। जबकि वैक्सीन मुफ्त दिए जाने की बात दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन ने 2 जनवरी, 2021 को घोषणा की थी, परंतु अब मुख्यमंत्री अरविन्द अपनी बात से पीछे हट गए है और गेंद केन्द्र सरकार के पाले में डालकर यह कह रहे है कि ‘‘कोरोना की वैक्सीन सभी देशवासियों को मुफ्त लगवायी जाए।’’।


प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार आज प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 40 सरकारी और 49 प्राईवेट अस्पतालों कुल 89 जगहों पर टीकाकरण कार्यक्रम शुरु हो रहा है। कल मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मीटिंग में इनमें 3 लाख स्वास्थ्य कर्मी और 6 लाख फ्रंटलाईन वर्कर है जिनके टीकाकरण का खर्च प्रथम चरण में केन्द्र सरकार ने उठाने का निर्णय लिया है जबकि 2 करोड़ आबादी में 95 प्रतिशत आबादी को निशुल्क वैक्सीन देने से हाथ खड़ा कर लिया। संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक श्री अनिल भारद्वाज भी मौजूद थे।


चौ0 अनिल कुमार ने दिल्ली सरकार से यह भी मांग की कि पत्रकारों को भी कोरोना यौद्धाओं के तहत निशुल्क वैक्सीन लगाने की श्रेणी में रखा जाए, क्योंकि पत्रकार भी अग्रिम पंथी में रहकर हर तरह की खबर दुनिया तक पहुॅचाता है। चौ0 अनिल कुमार ने याद दिलाया कि कांग्रेस की सरकार ने देश से पोलियो और चेचक जैसी महामारी की वैक्सीन को निशुल्क मुहैया कराकर दूर किया है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मौहल्ला क्लीनिक पर बड़ी-बड़ी बात करने वाली अरविन्द सरकार भी यह समझती है कि मौहल्ला क्लीनिकों में कोविड वैक्सीन लगाने की क्षमता या इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद नही है, इसीलिए मौहल्ला क्लीनिकों को टीकाकरण में शामिल नही किया है।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली की सबसे अमीर राज्यां में गिनती आती है, यदि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द निशुल्क वैक्सीन के मामले में यू-टर्न लेंगे तो बाकी प्रदेशों की राज्यों सरकारों से क्या उम्मीद की जा सकती है। जबकि दिल्ली सरकार ने शराब व अन्य मदों से कोविड काल में भरपूर राजस्व अर्जित किया है। मंहगे टेस्ट, मंहगा इलाज, मास्क व सेनिटाईजेशन के नाम पर दिल्लीवासियों को भरपूर लूटा है, जबकि सच्चाई में कोविड जरुरतमंदों को इस लूट का फायदा नही मिला।

मुख्य संवाददाता,

..................................नई दिल्ली।

दिल्ली कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में दिल्ली के उपराज्यपाल को ज्ञापन सौपकर यह मांग की कि चॉदनी चौक में मंदिर के वास्तविक स्थान पर ही हनुमान मंदिर का पुर्ननिर्माण किया जाए।

यह आश्चर्यजनक है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने हनुमान जी की मूर्ति को अपने गोदाम में एक केस प्रापर्टी की डाला हुआ है।- चौ0 अनिल कुमार

नई दिल्ली, 12 जनवरी, 2021- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में दिल्ली के उपराज्यपाल से मिला और चॉदनी चौक में उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार द्वारा तोड़े गए हनुमान मंदिर के पुर्ननिर्माण के लिए हस्तक्षेप करने के संबध में उन्हें ज्ञापन सौंपा। चौ0 अनिल कुमार ने ज्ञापन में यह लिखा कि यदि अरविन्द सरकार चाहती तो ऐतिहासिक मंदिर को टूटने से बचना सौन्दर्यकरण योजना के तहत सुनिश्चित कर सकती थी। ज्ञापन की कॉपी संलग्न है तथा इस संबध में केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह को हनुमान मंदिर के पुर्ननिर्माण के मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल, पूर्व मंत्री डा0 नरेन्द्र नाथ, पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता, कुंवर करण सिंह, अनिल भारद्वाज, मौहम्मद उस्मान, श्री हरी किशन जिंदल और राहुल शर्मा शामिल थे।

ज्ञापन में उपराज्यपाल का ध्यान आकर्षित किया कि प्राचीन हनुमान मंदिर लोगों की धार्मिक आस्था का केन्द्र था, लेकिन दिल्ली सरकार व उत्तर दिल्ली नगर निगम ने लोगों की धार्मिक भावनाओं का ख्याल न रखते हुए आधी रात को मंदिर धराशायी कर दिया। दोनों ने मंदिर को अतिक्रमण बताया जिसके कारण मंदिर को हटाया गया। चौ0 अनिल कुमार ने कहा यह मंदिर आजादी से पहले का बना हुआ है और पूरी तरह प्राण प्रतिष्ठा करके इस मंदिर को स्थापित किया गया था, न सिर्फ क्षेत्रीय लोग बल्कि वे लाखों लोग भी जो चॉदनी, चौक और लाल किला घूमने आते थे , यहां अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए पूजा अर्चना करने आते थे, मंदिर के टूटने से उन सभी लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुॅची है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि हनुमान मंदिर के विध्वंस के बाद लोगों की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुॅची है और हैरानी की बात तो यह है कि हनुमान जी की मूर्ति को दिल्ली नगर निगम के गोदाम में एक केस प्रापर्टी के रुप में रखा गया है। प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल महोदय से यह भी अपील की कि हनुमान मंदिर का वास्तविक स्थान पर पुर्ननिर्माण किया जाए और ऐसा करने पर ही भावुक श्रद्धालुओं का गुस्सा कम किया जा सकता है।

चौ0 अनिल कुमार ने पत्रकारां को बताया कि कांग्रेस मंदिर को उसके वास्तविक स्थान दोबारा बनाने के लिए उपराज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग कर रही है, जबकि भाजपा और अरविन्द सरकार मंदिर को तोड़ने के बावजूद लोगों को गुमराह करने के लिए मगरमच्छी आंसू बहा रहे है। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली सरकार और उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा मंदिर की सच्चाई को कोर्ट के समक्ष रखा गया होता तो मंदिर को तोड़ने की जरुरत नही पड़ती।

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