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दिशा देसवाल/आरुषि
बच्चो में मोबाइल फोन के इस्तेमाल की बढती लत
से सिर्फ अपने देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के माता-पिता परेशान है सबसे
बड़ी परेशानी यही है कि बच्चे रोज पूरा-पूरा दिन मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं और
माता-पिता इसके रोक नहीं लग पा रहे परंतु चीन बढ़ती बच्चों में मोबाइल की तेजी
देखकर एक कानून बनाने जा रहा है जिसमें मोबाइल फोन के इस्तेमाल को सीमित किया
जाएगा जिसमें यह बताया जा रहा है कि 16 से 18 साल के बच्चों को पूरी दिन में केवल
2 घंटे मोबाइल चलाने की इजाजत होगी जबकि 8 से 16 साल के बच्चों को एक घंटा मोबाइल
इस्तेमाल करने की इजाजत होगी वही 8 साल से छोटे बच्चों को केवल 40 मिनट की इजाजत
मिलेगी परंतु भारत में फिलहाल इस बारे में कोई नियम नहीं बनाया गया है
पेरेंट्स है परेशान
बच्चों की लगातार मोबाइल की आदत को देखकर तमाम
पेरेंट्स हुए परेशान लिए इसे समझते हैं एक उदाहरण के जरिए एक दसवीं कक्षा के छात्र
शगुन, उसके पेरेंट्स का मानना है कि स्कूल और कोचिंग आजकल सबसे बड़ी फोन
चलाने की लत की वजह बन गई क्योंकि आजकल तमाम स्कूलों के ग्रुप जैसे डांस भारत
मोबाइल फोन पर होते हैं कोचिंग टीचर खुद बच्चों को रिफरेंस के लिए मोबाइल फोन
इस्तेमाल करने के लिए बोलते हैं पेरेंट्स का कहना है कि हमारे बच्चों के पास इतनी
किताबें होने के बाद भी वह फोन का इस्तेमाल करके पढ़ना पसंद करते हैं क्योंकि
उन्हें फोन से ज्यादा जानकारी मिलती है इसी कारण से हम उन्हें चाह कर भी रोक नहीं
सकते
2 घंटे में हो जाता है
जानकारी के अनुसार बच्चों का कहना है कि करीब 2
घंटे के समय में ही उनका कोई भी कम मोबाइल से पूरा हो जाता है प्रीतमपुरा स्थिति
सचदेवा पब्लिक स्कूल की आठवीं क्लास में पढ़ने वाले एक छात्रा का कहना यह भी है कि
हम अपना होमवर्क मोबाइल से 1 घंटे में खत्म कर सकते हैं वही बाकी के 1 घंटे हम
सोशल मीडिया के अपडेट्स चेक कर सकते हैं इसलिए अगर दिन में 2 घंटे मोबाइल मिल जाए
तो काफी है