इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


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गोपेश्वर। गढ़वाल हिमालय की उूंची पहाडिय़ों पर स्थित पंचकेदार श्रृंखला के मध्यमहेश्वर मंदिर के कपाट शुक्रवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। मंदिर के पुजारी ने पूर्वाहन कपाट बंद होने के मौके पर श्रद्धालुओं के जयघोष के बीच अंतिम पूजा संपन्न की जिसके बाद भगवान मध्यमहेश्वर की डोली उूखीमठ के लिए रवाना हुई। शीतकाल के दौरान उूखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में मध्यमहेश्वर महादेव की पूजा की जाएगी। मध्यमहेश्वर से दो दिन की पैदल यात्रा के बाद डोली उूखीमठ पहुंचेगी। उल्लेखनीय है कि केदारनाथ और मध्यमहेश्वर का शीतकालीन पूजन उूखीमठ में ही होता है जबकि तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा मक्कूमठ में और रूद्रनाथ की गोपेश्वर
में संपन्न होती है। पंचकेदार श्रृंखला के कल्पेश्वर महादेव के कपाट साल भर खुले रहते हैं।
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