इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


महाशिवरात्रि से पहले आस्था की नगरी वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ की पारंपरिक हल्दी रस्म पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न की गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और भक्तों ने भगवान शिव के दूल्हा स्वरूप के दर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाता है और उन्हें दूल्हा बनाकर पूजा की जाती है, जिसे देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
हल्दी रस्म के दौरान मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों की गूंज रही। इस विशेष अनुष्ठान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर श्रद्धालु भावुक हो रहे हैं और इसे दिव्य क्षण बता रहे हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने महाशिवरात्रि को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसमें भगवान शिव की आराधना और विशेष पूजा-अर्चना का महत्व होता है। इस बार भी भारत के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और भक्तों में इस पावन पर्व को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है।







