दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को मंजूरी, सिंगर ने ली चुटकी!


बाहरी दिल्ली, योगराज शर्मा।
· कार्यक्रम में क्षेत्र से लगभग 700 महिलाओं ने हिस्सा लिया
· एक महीने में लगभग 500 महिलाओं को जागरूक किया जा चुका
· महिलाओं की प्रशिक्षण कार्यशाला इस महीने से शुरू होगी
उत्तर-पश्चिम दिल्ली सांसद डॉ. उदित राज के नेतृत्व में “सामाजिक लिंग संवेदनशीलता” कार्यक्रम का आयोजन रॉयल पेपर बैंक्वेट हॉल, पीरागढ़ी पर किया गया | जिसमे पूरे संसदीय क्षेत्र से लगभग 700 महिलाओं ने हिस्सा लिया | कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जानी मानी नारीवादी और समाजसेविका कमला भसीन भी शामिल हुई | यह मुहीम पिछले एक महीने से संसदीय क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कराई जा रही है | इस कार्यक्रम को ‘बुद्धा एजुकेशन फाउंडेशन’ एवं ओएनजीसी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया | इस मुहीम का मूल मकसद महिला सशक्तिकरण, समाज में महिलाओं की भागेदारी, महिलाओं को उनके मौलिक अधिकारों के बारे में जागरूक करना इत्यादि है | इस मुहीम का संचालन व निर्देशन प्रसिद्द समाज सेविका योगिता भयाना के नेतृत्व में किया जा रहा है |
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. उदित राज ने कहा कि “मैंने अपने संसदीय क्षेत्र को 'महिला सशक्तिकरण' केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। विभिन्न प्रकार की ऐसी योजनायें हैं जिनकी जानकारी क्षेत्र की महिलाओं को नही है इस वजह से वे इन लाभकारी योजनाओं का लाभ नही उठा पा रही है | इसके अतिरिक्त गैरपरंपरागत रोजगार जो अबतक पुरुष करते आये है उसमें महिलाओं को शामिल करना, सामाजिक-राजनीतिक प्रशिक्षण, आत्म-रक्षा प्रशिक्षण, कौशल विकास, जीविका, संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार, सौंदर्य प्रसाधन इत्यादि क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार के लिए तैयार करने हेतु आज हमलोग इकठ्ठा हुए ।
डॉ. उदित राज ने आगे संबोधित करते हुए कहा कि 10 विभिन्न समूहों में बांटा जायेगा और उसके बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया जायेगा | विशेष प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं की दक्षता को जांचा जाएगा जिससे ये हमारे उस मिशन का हिस्सा बन सके जहां ये अन्य महिलाओं को वित्तीय, कानूनी ,रोजगार या अन्य प्रशिक्षण देकर नारी सशक्तिकरण को एक आंदोलन के रूप में खड़ा कर सकेंगी ।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुई कमला भसीन ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “ अपने बच्चो को घर से ही महिलाओं का सम्मान करने की सीख देनी चाहिए, साथ ही उन्होंने कहा कि महिलायें सिर्फ सौन्दर्य एवं फैशन के क्षेत्र में ही हाथ न आजमाकर वह सभी गैर पारंपरिक क्षेत्रों में अपना हुनर दिखा सकती है | उन्हें केवल अपनी क्षमता को पहचानने की जरुरत है | जिस दिन वह अपनी ताकत को समझ जायेंगी, वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नही रहेंगी” |