इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


माघ मास की पूर्णिमा 01 फरवरी को शुभ योगों के साथ आ रही है। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, राशि अनुसार दान करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और आर्थिक व भाग्य पक्ष मजबूत होता है।
मेष – लाल वस्त्र, मसूर दाल, शहद या लाल फल दान करें। इससे साहस, ऊर्जा और संपत्ति बढ़ती है, कर्ज से मुक्ति मिलती है।
वृषभ – कंबल, सफेद मिठाई, चावल, घी और सफेद तिल का दान करें। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है।
मिथुन – हरे रंग के वस्त्र, हरी मूंग, हरा फल या हरी सब्ज़ी का दान। यह व्यापार और बुद्धि में लाभ देता है।
कर्क – दूध, जल और सफेद फूल का दान करें। पारिवारिक सुख और मानसिक शांति बढ़ती है।
सिंह – पीले वस्त्र, हल्दी, केले और गुड़ का दान। साहस और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
कन्या – दालें, अनाज और हरे फल का दान। शिक्षा और करियर में लाभ होता है।
तुला – सफेद वस्त्र और मिठाई का दान। भौतिक सुख और पारिवारिक सौहार्द बढ़ता है।
वृश्चिक – लाल वस्त्र, लाल फल या मसाले का दान। आर्थिक मजबूती और साहस मिलता है।
धनु – पीले वस्त्र, हल्दी, केला और गुड़ का दान। ज्ञान और भाग्य में वृद्धि होती है।
मकर – काले वस्त्र, तिल और गुड़ का दान। कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक सुरक्षा बढ़ती है।
कुंभ – कंबल, चावल, तिल और सफेद वस्त्र का दान। स्वास्थ्य और स्थिरता में लाभ।
मीन – सफेद वस्त्र, दूध, फूल और जल का दान। मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
आचार्य आनंद भारद्वाज का कहना है कि माघ पूर्णिमा पर राशि अनुसार दान करने से धन-संकट दूर होते हैं, भाग्य मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।







