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मैं नेहरूवादी-राजीववादी हूं, राहुलवादी नहीं” — मणिशंकर अय्यर का बड़ा बयान, INDIA गठबंधन पर भी दी सलाह

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताने एक बार फिर अपनी बेबाक टिप्पणी से सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि वह “नेहरूवादी और राजीववादी” हैं, लेकिन खुद को “राहुलवादी” नहीं मानते। इस बयान को पार्टी नेतृत्व पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।

अय्यर ने कांग्रेस प्रवक्ता की भी आलोचना की और पार्टी के अंदरूनी अनुशासन व संवाद शैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को वैचारिक स्पष्टता और संगठनात्मक मजबूती की जरूरत है।

केरल की राजनीति का जिक्र करते हुए अय्यर ने वहां की सरकार की कार्यशैली का हवाला दिया और कहा कि कांग्रेस को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय और संगठित होना चाहिए।

इतना ही नहीं, उन्होंने विपक्षी गठबंधन INDIA को लेकर भी सुझाव दिया कि जैसे अनुभवी नेता को गठबंधन का चेयरमैन बनाया जाना चाहिए, ताकि समन्वय और रणनीति बेहतर तरीके से आगे बढ़ सके।

अय्यर के इस बयान से कांग्रेस के भीतर नए विवाद की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनके बयान को संगठन के भीतर असहमति की आवाज के तौर पर देखा जा रहा है।

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