इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। इसे “पवित्र व्रक्श” कहा जाता है और इसके पत्ते का दान या उपयोग शुभ कार्यों में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार केवल रविवार ही नहीं, बल्कि कुछ और दिनों में तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है। भूलवश यदि इस दिन पत्ते तोड़ लिए जाएं, तो इसके प्रायच्छित उपाय किए जाने चाहिए, अन्यथा यह गरीबियों और परेशानियों का कारण बन सकता है।
रविवार – इस दिन तुलसी तोड़ना शास्त्र अनुसार पाप माना गया है।
सोमवार और पूर्णिमा – कुछ शास्त्रों में सोमवार और पूर्णिमा के दिन भी तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचने की सलाह दी गई है।
अमावस्या और अन्य व्रत के दिन – इन दिनों तुलसी तोड़ना अशुभ माना जाता है।
तुलसी को नमक और जल से धोकर शुद्ध करें।
पत्तों का दान किसी ब्राह्मण, गरीब या मंदिर में करें।
तुलसी के नीचे दीपक जलाएं और प्रार्थना करें।
शांति और समृद्धि के लिए तुलसी के पत्तों के साथ हल्दी या चावल का दान करें।
तुलसी का व्रक्श घर में लगाने से धन, स्वास्थ्य और सुख-शांति बनी रहती है।
तुलसी के पत्ते शुद्धि, रोग निवारण और वास्तु दोष दूर करने में सहायक माने जाते हैं।







