इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


फाल्गुन मास की विनायक चतुर्थी आज शुभ संयोग में मनाई जा रही है। इस बार व्रत Vinayaka Chaturthi रवि योग, शुभ योग और शुक्ल योग में पड़ रहा है, जिसे अत्यंत मंगलकारी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और विघ्नों का नाश करते हैं।
चतुर्थी तिथि में गणेश पूजन दोपहर (मध्याह्न काल) में करना श्रेष्ठ माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज मध्याह्न पूजा का समय लगभग सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक शुभ रहेगा। स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है।
चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना निषिद्ध माना गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्र दर्शन से मिथ्या कलंक लग सकता है। यदि भूलवश दर्शन हो जाए तो गणेश स्तोत्र या “सिंहः प्रसेनमवधीत…” श्लोक का पाठ करने की परंपरा है।







