दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को मंजूरी, सिंगर ने ली चुटकी!


पटना के एक होटल में आयोजित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पार्टी के भविष्य को लेकर एक अहम फैसला लिया गया। बैठक में लालू प्रसाद यादव को पार्टी का सर्वोच्च मार्गदर्शक और निर्णयकारी नेता बनाए रखने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
यह प्रस्ताव भोला यादव ने लालू प्रसाद के निर्देश पर कार्यकारिणी के समक्ष रखा। प्रस्ताव पर मौजूद सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया, जिससे यह साफ हो गया कि पार्टी में लालू प्रसाद के नेतृत्व और मार्गदर्शन को लेकर किसी तरह का मतभेद नहीं है।
लालू प्रसाद यादव की अस्वस्थता को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने संगठनात्मक ढांचे में जिम्मेदारियों के बंटवारे पर भी चर्चा की। कार्यकारिणी ने स्पष्ट किया कि भले ही लालू प्रसाद सक्रिय राजनीति में सीमित भूमिका निभा रहे हों, लेकिन रणनीतिक और वैचारिक फैसले उन्हीं के मार्गदर्शन में लिए जाएंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि तेजस्वी यादव पार्टी के दिन-प्रतिदिन के राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यों का नेतृत्व करते रहेंगे, जबकि लालू प्रसाद पार्टी की विचारधारा, चुनावी रणनीति और बड़े राजनीतिक निर्णयों में अंतिम भूमिका निभाएंगे।
पार्टी नेताओं का कहना है कि लालू प्रसाद RJD की आत्मा हैं और उनके बिना पार्टी की पहचान अधूरी है। कार्यकारिणी ने एक स्वर में कहा कि उनके अनुभव और राजनीतिक समझ की आज भी पार्टी को सबसे ज्यादा जरूरत है।
बैठक के अंत में संगठन को मजबूत करने, आगामी चुनावों की रणनीति और सामाजिक न्याय के मुद्दों को और धार देने पर भी चर्चा हुई।