दिल्ली में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को मंजूरी, सिंगर ने ली चुटकी!


लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोक पर्व है, जिसे हर साल 13 जनवरी को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व नई फसल के स्वागत और सर्दियों के अंत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शाम को लोग पावन अग्नि जलाकर उसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं, लोकगीत गाते हैं और विशेष वस्तुएं अग्नि में अर्पित करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लोहड़ी की अग्नि में डाली गई हर वस्तु का एक विशेष अर्थ होता है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से भी ये चीजें सर्दियों में शरीर के लिए लाभकारी मानी जाती हैं।
तिल को गर्म तासीर वाला माना जाता है, जो शरीर को ठंड से बचाता है। धार्मिक रूप से तिल का संबंध शनि देव से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे अग्नि में अर्पित करने से शनि दोष कम होने की मान्यता है।
गुड़ ऊर्जा का अच्छा स्रोत है और शरीर को अंदर से गर्म रखता है। यह पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।
मूंगफली में प्रोटीन और स्वस्थ वसा होते हैं, जो सर्दियों में शरीर को ताकत देते हैं। इसे अग्नि में अर्पित कर समृद्धि की कामना की जाती है।
रेवड़ी और गजक
ये मिठाइयां जीवन में मिठास और खुशहाली का प्रतीक मानी जाती हैं। इन्हें अर्पित कर आने वाले साल के लिए सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।