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श्मशान में विराजे मसानी हनुमान: संतान सुख की मन्नत होती है पूरी, पूरी होने पर निभानी होती है ये परंपरा

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर अपनी धार्मिक विविधता और आस्था से जुड़े प्राचीन स्थलों के लिए जाना जाता है. इन्हीं में से एक है ताप्ती नदी के किनारे श्मशान घाट में स्थित मसानी हनुमान मंदिर, जिसे बेहद चमत्कारी माना जाता है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई संतान की कामना जरूर पूरी होती है.

करीब 500 साल पुराने इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां हनुमान जी श्मशान की रक्षा करते हुए विराजमान हैं. मंदिर समिति से जुड़े संजय रायपुरे के अनुसार, जो भी दंपति संतान प्राप्ति के लिए यहां मन्नत मांगता है, उनके घर जल्द ही किलकारी गूंजती है. स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं.

मंदिर से जुड़ी परंपरा के अनुसार, जब भक्त की संतान की कामना पूरी हो जाती है, तो वह हनुमान जी को रोट का प्रसाद अर्पित करता है. इसके साथ ही अपने सगे-संबंधियों और जरूरतमंदों को भोजन कराना भी अनिवार्य माना जाता है. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और भक्त इसे श्रद्धा से निभाते हैं.

हर साल हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन किया जाता है. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बजरंग बली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक बना मसानी हनुमान मंदिर आज भी लोगों के लिए संतान सुख की उम्मीद का केंद्र बना हुआ है.

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