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लखनऊ 5 जुलाई 2024 शुक्रवार। ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुवाई में श्री परमानंद हरि हर मंदिर की तृतीय वर्षगांठ के पावन अवसर पर शुक्रवार 5 जुलाई 2024 को विश्व कल्याण और हिन्दुस्तान के उत्थान के लिए, हवन का आयोजन, देवा रोड स्थित मंदिर परिसर में किया गया। सत्य सनातन नारी शक्ति-लक्ष्मणपुरी द्वारा वृहद स्तर पर संचालित नियमित सुंदरकांड पाठ अभियान के अंतर्गत मातृशक्तियों द्वारा इस अवसर पर सामूहिक सुंदरकाण्ड का पाठ और कीर्तन भी किया गया। समारोह का समापन भंडारे से हुआ जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया।
इस मंदिर की स्थापना 10 जुलाई 2021 को अमावस्या के अवसर पर की गई थी। यह मंदिर चूंकि सपना गोयल के स्वप्न दर्शन के कारण अस्तित्व में आया इसीलिए ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति के माध्यम से विविध धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जनजागृति के कार्य किये जा रहे हैं। इस मंदिर में हरि और हर दोनों स्थापित है इसलिए इस मंदिर का नाम श्री परमान्द हरि हर मन्दिर लोकप्रिय हो गया। मंदिर परिसर में चूंकि बाबा अपने भक्तों की प्रार्थनाएं पूरी करते हैं इसलिए मंदिर में महादेव जी, वरदानी बाबा के रूप में स्थापित हैं। बाबा वरदानी के साथ ही मंदिर परिसर में प्रभु राम का दिव्य दरबार, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, दक्षिणमुखी हनुमान महाराज और शनि महाराज जी की प्रतिमाएं विराजमान हैं। शुक्रवार को हवन में खासतौर से कमलगट्टे आदि की आहुतियां दी गई। शुक्रवार के दिन कमलगट्टे के बीजों की हवन में आहुतियां देने से सुख के साथ ही शांति की भी प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर श्री परमान्द हरि हर मन्दिर की संस्थापिका सपना गोयल ने आवाह्न किया कि भारत को विश्व में उसकी खोयी प्रतिष्ठा के पुनर्स्थापन के लिए जरूरी हो गया है कि मातृशक्तियां आगे आएं और हर मंगलवार और शनिवार को अपने नजदीकी मंदिर में सामूहिक सुंदरकांड का पाठ करें। सपना गोयल द्वारा बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के, बीते 10 मार्च को महिला दिवस के उपलक्ष्य में पांच हजार से अधिक मातृशक्तियों द्वारा लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान सम्पन्न करवाया गया था। सामूहिक सुंदरकांड का अभियान राष्ट्रीय स्तर पर वृहद रूप में निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसके तहत नैमिषारण्य तीर्थ और उत्तराखंड कोटद्वार के प्रतिष्ठित प्राचीन मंदिर सिद्धबली परिसर में भी सामूहिक सुंदरकांड पाठ का अनुष्ठान, सफलतापूर्वक आयोजित करवाया जा चुका है। उसी क्रम में नवम्बर महीने में हरिद्वार तीर्थ में पांच हजार महिलाओं द्वारा वृहद सामूहिक सुंदरकांड का पाठ प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इस साल सावन महीने में पांच सौ मंदिरों में महिलाएं एकत्र होकर सुंदरकांड का पाठ करेंगी। सपना गोयल के संकल्प को धरातल पर साकार करने में उनके द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गठित 51 शक्तिपीठ सनातनी महिला समूह अहम् भूमिका अदा कर रहे हैं। सपना गोयल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के जिले पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, लखीमपुर, रायबरेली, बनारस, सुल्तानपुर, बाराबंकी, अयोध्या नगरी, बदायूं, बिजनौर, अमरोहा, सीतापुर, कानपुर, जौनपुर सहित प्रदेश के पचास गांव और देश में मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उड़ीसा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु तक में यह अभियान पहुंच चुका है। विदेशों में मॉरिशस, अमेरिका, साउथ अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात तक में यह अभियान सक्रिय हैं। सपना गोयल के अनुसार भगीरथ ने अपने पूर्वज राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को जिस तरह मुक्ति दिलवायी थी उसी तरह उनका भी संकल्प, मानव जाति का कल्याण करना है। इसकी प्रेरणा उन्हें साल 2022 में बाबा अमरनाथ से मिली थी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को प्रभु श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के नाम पर बसी लक्ष्मणपुरी, के मूल नाम को लोकप्रिय करवाने और सनातन धर्म के पुनरुत्थान के लिये सपना गोयल, बीते कई वर्षों से मंदिर निर्माण और मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य करवा रही हैं। जनजागृति के लिए समय-समय पर वह जगह-जगह पर भंडारे भी करवाती हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा तीर्थों पर भी सेवाएं और भंडारे आयोजित किये जा रहे हैं। उनके प्रयासों से धर्म जागरण के साथ-साथ नारी सशक्तिकरण को भी बल मिल रहा है।