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जिले के कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बादसदर अस्पताल में कीमोथेरेपी सेवा की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। अब कैंसर मरीजों को इलाज के लिए पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर या -मुंबई जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
अब तक बाहर इलाज कराने के चलते मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को अपने ही जिले में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
सदर अस्पताल में कीमोथेरेपी के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यहां पहले से ही कैंसर मरीजों के लिए काउंसलिंग, जांच और स्कैनिंग की सुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन अब कीमोथेरेपी शुरू होने से इलाज की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
यह सेवा विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में दी जाएगी, जिससे मरीजों को सुरक्षित और मानक इलाज मिल सके। खासतौर पर शुरुआती और मध्यम स्तर के कैंसर मरीजों को इससे बड़ा लाभ होगा।
बाहर इलाज कराने में रहने, खाने और यात्रा पर भारी खर्च आता था। कई मरीज इसी कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते थे। अब स्थानीय स्तर पर कीमोथेरेपी उपलब्ध होने से:
इलाज समय पर शुरू होगा
इलाज की निरंतरता बनी रहेगी
आर्थिक बोझ काफी कम होगा
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की यह पहल न सिर्फ सीतामढ़ी, बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह कदम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है।
उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सदर अस्पताल में और आधुनिक कैंसर उपचार सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। कुल मिलाकर, कीमोथेरेपी सेवा की शुरुआत कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीद और बेहतर जीवन की दिशा में मजबूत कदम साबित होगी।