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आज की दिल्ली / इंडियन न्यूज़ ऑनलाइन
आर्थिक सुस्ती से जूझ रहे देश को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक नई स्कीम से कुछ तेजी जरूर मिल सकती है. खासकर रियल्टी सेक्टर (Real Estate) को. आने वाले चंद हफ्तों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2020 का बजट पेश करेंगी और उसमें वह यही कोशिश करतीं दिखेंगी कि कैसे तमाम उपायों से देश की इकोनॉमी (Economy) को एक रफ्तार दी जा सके. इसके लिए वह टैक्स कट करने से लेकर तमाम रियायतें तक दे सकती हैं. अभी निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के बजट (Budget 2020) के पिटारे से आम आदमी के लिए क्या खुशियां निकलती हैं, ये देखने की बात होगी, लेकिन उससे पहले ही भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी नई होम लोन स्कीम (Home Loan Scheme) से आम आदमी को खुशखबरी दे दी है. ये स्कीम उन लोगों के लिए बहुत
क्या है SBI की स्कीम?
भारतीय स्टेट बैंक की इस स्कीम के अनुसार अगर घर खरीदने वालों को समय पर मकान का पजेशन नहीं मिलता है तो बैंक ग्राहक को पूरा प्रिंसिपल अमाउंट वापस लौटा देगा. यानी मान लीजिए कि अगर किसी शख्स ने 50 लाख रुपए का घर बुक किया और 25 लाख रुपए का भुगतान कर दिया, लेकिन समय पर उसे फ्लैट नहीं मिला. ऐसी स्थिति में भारतीय स्टेट बैंक की ओर से 25 लाख रुपए का भुगतान ग्राहक को किया जाएगा. यानी लोगों को घर मिलने की गारंटी होगी, वरना पैसे ना डूबने की गारंटी होगी, मतलब ये एक गारंटी स्कीम है. इस स्कीम के पहले चरण में एसबीआई ने मुंबई के सनटेक डेवलपर्स के साथ तीन प्रॉजेक्ट्स के लिए एक समझौता किया है. ये प्रॉजेक्ट मुंबई के मेट्रोपॉलिटन रीजन में बनेंगे.
ग्राहक का पैसा नहीं फंसेगा, बिल्डर भी समय से घर देगा
भारतीय स्टेट बैंक की इस नई स्कीम के एक नहीं, कई फायदे हैं. सबसे बड़ा फायदा तो ये है कि ग्राहकों का पैसा नहीं फंसेगा. आम्रपाली तो आपको याद ही होगा, जिसमें लोगों के न जाने कितने पैसे फंसे पड़े हैं. इसका दूसरा बड़ा फायदा ये होगा कि बिल्डर समय पर घर का पजेशन दे देगा. डिफाल्ट नहीं होंगे, जिससे आम आदमी का गुस्सा सरकारों को नहीं झेलना पड़ेगा.
रियल एस्टेट पर ही पड़ी है सबसे बुरी मार
एलारा टेक्नोलॉजी के सीओओ मणि रंगराजन के अनुसार दिवालिया प्रक्रिया में फंसे बिल्डरों की बढ़ती संख्या के चलते एनसीआर खासकर नोएडा में रियल एस्टेट बुरी तरह प्रभावित हुआ है. खरीददारों का भरोसा कम हुआ है, जिससे बिक्री प्रभावित हुई है. बिल्डरों के पास मकानों की इन्वेंट्री जमा हो गई है. 45 लाख रुपए तक के मकान नहीं बिक रहे हैं. भारतीय स्टेट बैंक की ये स्कीम अगर पूरे देश में हर बिल्डर पर लागू हो गई तो यकीनन ये रियल एस्टेट सेक्टर में एक नई जान फूंकने का काम करेगी.
भारतीय स्टेट बैंक की योजना से तो अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी ही, जिसका एक इशारा रियल्टी एक्सपर्ट भी कर चुके हैं. उनके अनुसार 2020 में रियल एस्टेट एक नया मोड़ ले सकता था और ले भी रहा है. भारतीय स्टेट बैंक की योजना तो इस दिशा में पहला कदम भर है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में बेशक रियल्टी सेक्टर को स्पीड देने के लिए कुछ घोषणाएं करेंगी. वैसे भी, मोदी सरकार की योजना भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने की है और अगर रियल्टी सेक्टर की सुस्ती दूर नहीं हुई, तो मोदी सरकार का ये सपना कभी पूरा नहीं हो सकेगा. ही खास है, जो लोग घर खरीदना चाहते हैं.
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