इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


सनातन धर्म में भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता माना गया है. शिव भक्ति में छोटे-छोटे उपाय भी बड़े फल देने वाले माने जाते हैं. इन्हीं उपायों में से एक है शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करना. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार काले तिल शनि, राहु और केतु से संबंधित दोषों को शांत करने में अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं.
मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, काल सर्प दोष या राहु-केतु का अशुभ प्रभाव होता है, उन्हें शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने से विशेष लाभ मिलता है. यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और जीवन में स्थिरता, स्वास्थ्य और मानसिक शांति लाता है.
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने के लिए सोमवार और शनिवार दोनों ही दिन शुभ माने गए हैं. सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन है, जबकि शनिवार शनि देव का. यदि शनि दोष से मुक्ति चाहिए, तो शनिवार को शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है. वहीं सामान्य सुख-शांति, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति के लिए सोमवार को यह उपाय किया जा सकता है.
विधि के अनुसार, सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, शिवलिंग पर जल या दूध से अभिषेक करें और फिर श्रद्धा भाव से काले तिल अर्पित करें. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करते हुए प्रार्थना करें. सच्चे मन से किया गया यह उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है और महादेव की कृपा प्राप्त होती है.







