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साल 2026 को लेकर ज्योतिषीय जगत में कई तरह की भविष्यवाणियां सामने आ रही हैं। ज्योतिषाचार्य सुमित आचार्य महाराज के अनुसार 18 अप्रैल से 19 मई 2026 के बीच का समय विशेष रूप से संवेदनशील रह सकता है। इस अवधि में वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल, प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक अस्थिरता के संकेत बताए जा रहे हैं।
भविष्यवाणी के मुताबिक इस समयावधि में भूकंप, प्राकृतिक आपदाएं या बड़े पैमाने पर जनहानि जैसी घटनाओं की संभावना बन सकती है। हालांकि ये ज्योतिषीय आकलन हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को सतर्क रहने की सलाह देना है।
आचार्य के अनुसार, कुछ देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण विश्व स्तर पर टकराव की स्थिति बन सकती है। इसे लेकर ‘विश्व युद्ध जैसी परिस्थिति’ की आशंका भी जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दावों को गंभीरता से लेने के साथ-साथ विवेकपूर्ण दृष्टिकोण भी जरूरी है।
2026 में शेयर मार्केट में भारी अस्थिरता के संकेत भी बताए गए हैं। निवेशकों को इस दौरान सोच-समझकर कदम उठाने और जोखिम प्रबंधन की सलाह दी गई है।
ध्यान रहे कि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां संभावनाओं पर आधारित होती हैं, इन्हें अंतिम सत्य नहीं माना जाता। प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक घटनाओं के बारे में वैज्ञानिक और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को प्राथमिकता देना अधिक उचित है।
2026 को लेकर किए गए ये दावे लोगों को सचेत रहने का संदेश देते हैं, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों और विश्वसनीय सूचनाओं पर भरोसा करना जरूरी है।