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‘1971 में हमने भारत की पीठ में छुरा घोंपा’—पाक पत्रकार मोईद पीरजादा का बड़ा दावा, जनरल आसिम मुनीर पर सवाल

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार Moeed Pirzada ने 1971 के युद्ध और उसके बाद की कूटनीतिक घटनाओं पर बड़ा बयान देकर सियासी हलचल मचा दी है। पीरजादा ने दावा किया कि 1971 की जंग के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ हुए समझौते की भावना के विपरीत कदम उठाए और “भारत की पीठ में छुरा घोंपा।”

16 दिसंबर 1971 को ढाका में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद 1972 में दोनों देशों के बीच Simla Agreement हुआ, जिसमें तय हुआ कि सभी विवादों का समाधान द्विपक्षीय बातचीत से किया जाएगा। पीरजादा का आरोप है कि इस सहमति के बावजूद पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया, जो समझौते की भावना के खिलाफ था।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने युद्धबंदियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया, लेकिन इसके बदले पाकिस्तान ने भरोसा कायम नहीं रखा। पीरजादा के बयान को पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व, खासकर सेना प्रमुख Asim Munir के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान पाकिस्तान के भीतर अतीत की नीतियों पर आत्ममंथन की बहस को तेज कर सकता है।

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