इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


माघ पूर्णिमा का दिन धार्मिक मान्यताओं में अत्यंत पवित्र माना गया है। इस दिन गंगा स्नान करने और दान करने का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन किए गए दान से पितृ प्रसन्न होते हैं और साधक के सभी काम सफल होते हैं
माघ पूर्णिमा पर पितृ तर्पण करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ माना जाता है जो अपने पूर्वजों के कल्याण और आत्मिक शांति के लिए प्रयासरत हैं।
गरीबों और ब्राह्मणों को अन्न दान करना बहुत पुण्यदायी माना गया है।
पुराने और नए वस्त्र दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि आती है।
– आवश्यकतानुसार गरीबों या मंदिर में धन का दान करना भी शुभ होता है।
गंगा स्नान के साथ फल और शुद्ध जल का दान करना पुण्य को बढ़ाता है।
माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने से न केवल पितृ प्रसन्न होते हैं, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को शुद्ध करता है। स्नान के साथ दान करने से साधक को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।







