पहले चरण में तीन डिपो से संचालन; किराया सामान्य बसों के बराबर रखा गया।
मानसून ख़त्म होते ही काम शुरू होगा; हर वार्ड में शिकायत हेल्पलाइन।
पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर के 14 स्टेशनों पर सुरक्षा जाँच पूरी; रोज़ाना ढाई लाख यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद।