इस शिव मंदिर में प्रकृति करती है 24 घंटे जलाभिषेक, सालभर नहीं रुकती जलधारा, सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़


फरवरी 2026 में भगवान गणेश की आराधना के लिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत विशेष महत्व रखता है। यह दिन हर महीने चतुर्थी तिथि को आता है और इसे गणपति व्रत के रूप में मनाया जाता है। संकष्टी चतुर्थी को व्रत करने से जीवन में सुख, समृद्धि और बुरे प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, फरवरी 2026 में संकष्टी चतुर्थी का व्रत [तारीख डालें] को रखा जाएगा। इस दिन व्रतधारी व्यक्ति गणेश जी की विधिवत पूजा-अर्चना करता है, विशेषकर चंद्र दर्शन के समय। व्रत के दौरान सिर्फ शुद्ध आहार और फलाहार का सेवन करना शुभ माना जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं और भगवान गणेश बाधा निवारक के रूप में हर कार्य में सहयोग करते हैं। इस दिन की सबसे खास बात यह है कि व्रत चंद्रमा के दर्शन और गणपति के मंत्र जाप के साथ रखा जाए, तो इसके पुण्य में वृद्धि होती है।
संकष्टी चतुर्थी व्रत हर घर में धार्मिक विश्वास और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन गणपति की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर मंत्र का उच्चारण करते हैं और अपने घर में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।
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