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Holi 2026: क्या होली तक बढ़ जाती हैं नकारात्मक शक्तियां? बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बताए गए पारंपरिक उपाय

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

Holi 2026 Upay: होली का पर्व नजदीक आते ही कई धार्मिक मान्यताएं भी चर्चा में आ जाती हैं। कुछ परंपराओं में माना जाता है कि होलाष्टक से लेकर होली तक का समय संवेदनशील होता है और इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर या तंत्र-मंत्र का प्रभाव बढ़ सकता है। हालांकि इन बातों के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, लेकिन आस्था के आधार पर लोग एहतियात बरतते हैं।

विशेष रूप से जिन घरों में छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं होती हैं, वहां अतिरिक्त सावधानी रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस अवस्था में शारीरिक और मानसिक संवेदनशीलता अधिक होती है।

  • घर में नियमित रूप से साफ-सफाई और धूप-दीप जलाना।

  • संध्या समय हनुमान चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ।

  • मुख्य द्वार पर गंगाजल का छिड़काव।

  • बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भीड़भाड़ और अत्यधिक शोर से दूर रखना।

  • सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए भजन-कीर्तन या मंत्रोच्चार।

धार्मिक मान्यता है कि होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसका संबंध होलिका और प्रह्लाद की कथा से जुड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण है स्वच्छता, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच। किसी भी तरह की शारीरिक या मानसिक परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना ही सर्वोत्तम उपाय है।

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