सामग्री पर जाएँ
Aaj Ki Delhi
धर्म

Nishkam Karma: जब भगवान कृष्ण ने अर्जुन को दी निष्काम कर्म योग सीख, जानें गीता की सीख आज के जीवन में कैसे काम आती है

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

भगवद गीता की सीख आज भी लोगों के जीवन में उतनी ही प्रासंगिक मानी जाती है, जितनी महाभारत काल में थी। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया निष्काम कर्म योग का संदेश आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव कम करने और संतुलित जीवन जीने का मार्ग दिखाता है। निष्काम कर्म का अर्थ है—अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना, लेकिन उसके परिणामों से अत्यधिक मोह या चिंता न रखना।

आज के दौर में नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच लोग अक्सर नतीजों की चिंता में उलझ जाते हैं। यही चिंता तनाव, निराशा और मानसिक थकान का कारण बनती है। गीता का संदेश बताता है कि इंसान का अधिकार केवल कर्म पर है, फल पर नहीं। जब व्यक्ति अपना ध्यान मेहनत और सही प्रयास पर केंद्रित करता है, तो वह मानसिक रूप से अधिक मजबूत और संतुलित महसूस करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निष्काम कर्म की भावना अपनाने से व्यक्ति असफलताओं से जल्दी उबर सकता है और सफलता मिलने पर भी अहंकार से दूर रहता है। यह सिद्धांत केवल धार्मिक शिक्षा नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक जीवन दर्शन भी है, जो हर उम्र और हर पेशे के लोगों के लिए उपयोगी है।
आज के तनावपूर्ण माहौल में गीता का यह संदेश लोगों को सकारात्मक सोच, धैर्य और जिम्मेदारी के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है, जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हुए भी मन की शांति बनाए रख सकता है।

धर्म की और ख़बरें

सभी देखें