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No Income Tax In Dubai: बिना पर्सनल इनकम टैक्स के भी कैसे अमीर है दुबई? जानिए सरकार की कमाई का राज

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

दुनिया के सबसे समृद्ध शहरों में गिने जाने वाले Dubai में पर्सनल इनकम टैक्स बिल्कुल नहीं है। यानी यहां काम करने वाले लोगों को अपनी सैलरी पर आयकर नहीं देना पड़ता। इसके बावजूद दुबई की अर्थव्यवस्था मजबूत है और सरकार का खजाना लगातार बढ़ता रहता है। आखिर ऐसा कैसे संभव है?

दरअसल, दुबई की कमाई का बड़ा स्रोत तेल नहीं, बल्कि विविधीकृत अर्थव्यवस्था है। दुबई पर्यटन, रियल एस्टेट, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल सर्विसेज से भारी राजस्व अर्जित करता है। हर साल लाखों पर्यटक यहां घूमने आते हैं, जिससे होटल, शॉपिंग, एंटरटेनमेंट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ा फायदा होता है।

इसके अलावा दुबई में 5% वैट (VAT) लागू है, जो वस्तुओं और सेवाओं पर लिया जाता है। सरकार कंपनियों से लाइसेंस फीस, वीज़ा शुल्क, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस और विभिन्न प्रशासनिक शुल्क भी वसूलती है। फ्री ज़ोन मॉडल के तहत विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जाता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां बढ़ती हैं और सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से राजस्व मिलता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कम टैक्स और कारोबारी अनुकूल नीतियों ने दुबई को वैश्विक निवेश हब बना दिया है। यही वजह है कि बिना पर्सनल इनकम टैक्स के भी दुबई की अर्थव्यवस्था मजबूत और समृद्ध बनी हुई है।

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