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आरति श्रीरामायनजी की। कीरति कलित ललित सिय पी की॥ गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद। बालमीक बिग्यान-बिसारद॥ सुक सनकादि सेष अरु सारद। बरनि पवनसुत कीरति नीकी॥१॥ गावत बेद पुरान अष्टदस। छहो…