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जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय.॥ श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी।नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥ जय.॥ क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है…
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम... जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम।अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम॥ बारम्बार... प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर…
: दोहा मात श्री महाकालिका ध्याऊँ शीश नवाय । जान मोहि निज दास सब दीजै काज बनाय ॥ नमो महा कालिका भवानी। महिमा अमित न जाय बखानी॥ तुम्हारो यश तिहुँ लोकन छायो। सुर नर मुनिन सबन गुण…
बजरंग दया करके मुझको अपना लेना | मैं शरण पड़ा तेरी, चरणों में जगह देना || करूणानिधि नाम तेरा, करुणा दिखलाओ तुम | सोये हुए भावों को हे नाथ जगाओ तुम | मेरी नावं भवर डोले, उसे पार…
!! श्री मोर्वी नन्दन श्याम चालीसा !! स्कन्द महापुराण पर आधारित दोहा :- श्री गुरु पदरज शीशधर प्रथम सुमिरू गणेश ॥ ध्यान शारदा ह्रदयधर भजुँ भवानी महेश ॥ ... चरण शरण विप्लव पड़े हनुमत…
ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे | खाटू धाम विराजत अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे.... रत्न जड़ित सिंहासन सिर पर चंवर ढुले | तन केशरिया बागों कुण्डल श्रवण पडे॥ ॐ जय…
नागेन्द्र हाराय त्रिलोचनाय, भस्मांगरागाय महेश्वराय | नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,तस्मै 'न' काराय नमः शिवाय ||१|| मन्दाकिनी सलिलचन्दनचर्चिताय ,नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय |…
अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुज वन कृशानुं, ज्ञानिनामग्रगण्यम्।। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि।। दोहा निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान। तेहि…
कभी राम बनके कभी श्याम बनके चले आना प्रभुजी चले आना.... तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके, चले आना प्रभुजी चले आना... तुम श्याम रूप में आना…
निश्चय प्रेम प्रतीत ते, विनय करें सनमान । तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्घ करैं हनुमान ॥ जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख…
बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अँधियारो ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो देवन आनि करी विनती तब, छांड़ि दियो रवि कष्ट निहारो को नहिं जानत है जग में…
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे | खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे || ॐ रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे | तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े || ॐ गल पुष्पों की माला…
|| दोहा || सुमिर चित्रगुप्त ईश को, सतत नवाऊ शीश। ब्रह्मा विष्णु महेश सह, रिनिहा भए जगदीश ।। करो कृपा करिवर वदन, जो सरशुती सहाय। चित्रगुप्त जस विमलयश, वंदन गुरूपद लाय ।। || चौपाई…
|| दोहा || जय जय माता शीतला तुमही धरे जो ध्यान। होय बिमल शीतल हृदय विकसे बुद्धी बल ज्ञान ॥ घट घट वासी शीतला शीतल प्रभा तुम्हार। शीतल छैंय्या शीतल मैंय्या पल ना दार ॥ || चौपाई ||…
श्री रघुवीर भक्त हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई । ता सम भक्त और नहिं होई ॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं । ब्रहृ इन्द्र पार नहिं पाहीं ॥ दूत तुम्हार वीर…
॥ दोहा ॥ श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ । चालीसा वन्दन करों, श्री शिव भैरवनाथ ॥ श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण कृपाल । श्याम वरण विकराल वपु, लोचन लाल विशाल ॥ || चौपाई…
|| चौपाई || पहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं। कैसे शिरडी साई आए, सारा हाल सुनाऊं मैं॥ कौन है माता, पिता कौन है, ये न किसी ने भी जाना। कहां जन्म साई ने धारा, प्रश्न पहेली…
॥दोहा॥ जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ जय श्री…
॥दोहा॥ जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू ॥ जै गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥…
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे।…