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आचार्य अभिमन्यु पाराशर शुभ कार्यो में विशेष रुप से त्याज्यसमय के दो पहलू है. पहले प्रकार का समय व्यक्ति को ठीक समय पर काम करने के लिये प्रेरित करता है. तो दूसरा समय उस काम को किस…
संकलन - आचार्य रणजीत स्वामी धूप का मजा लेना हो या हवाओं से खुद को तरोताजा करना हो, घर की छत पर तो आप जाते ही होंगे। इसके लिए घर में सीढ़ी बनी होगी। लेकिन क्या आपके घर की सीढ़ी…
पूर्णिमा और अमावस्या के मध्य के चरण को हम कृष्ण पक्ष कहते हैं। कृष्ण पक्ष का आरम्भ पूर्णिमा के अगले दिन से माना जाता है। पूर्णिमा के बाद चन्द्रमा जब घटना आरम्भ हो जाता है वह कृष्ण…
अमावस्या और पूर्णिमा के मध्य के चरण को हम शुक्ल पक्ष कहते हैं। अमावस्या के बाद चन्द्रमा की कलाएँ जब बढ़नी आरम्भ हो जाती हैं तब इसे शुक्ल पक्ष कहा जाता है। इन रातों को चाँदनी रातें…