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एस्ट्रो धर्म : भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में सूर्य को भगवान का दर्जा मिला है। ग्रह विज्ञान के हिसाब से भी सूर्य को सभी ग्रहों से श्रेष्ठ माना गया है। सूर्य ऊर्जा का स्रोत है…
एस्ट्रो धर्म : शनिदेव को ज्योतिष में न्याय का देवता माना जाता है। न्यायकारी होने के कारण उनके दंड के विधान के चलते हर कोई इनसे खौफ खाता है। ज्योतिष में जहां शनि को क्रूर ग्रह की…
एस्ट्रो धर्म: इस साल 2020 में शनि देव की जयंती का पर्व 22 मई को मनाया जाएगा। शनि जयंती के दिन शनि देव की पूजा अर्चना के श्रद्धापूर्वक शनि देव की इस आरती का गायन करने से प्रसन्न हो…
एस्ट्रो धर्म : शनिवार के दिन जिस भी रूप में पवन पुत्र महाबली हनुमान जी की पूजा आराधना की जाती है वें प्रसन्न हो जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिसी किसी भक्त के उपर श्री हनुमान जी की…
ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे | खाटू धाम विराजत अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे.... रत्न जड़ित सिंहासन सिर पर चंवर ढुले | तन केशरिया बागों कुण्डल श्रवण पडे॥ ॐ जय…
निश्चय प्रेम प्रतीत ते, विनय करें सनमान । तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्घ करैं हनुमान ॥ जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख…
बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अँधियारो ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो देवन आनि करी विनती तब, छांड़ि दियो रवि कष्ट निहारो को नहिं जानत है जग में…
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे | खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे || ॐ रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे | तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े || ॐ गल पुष्पों की माला…
गाइये गणपति जगवंदन | शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥ गाइये गणपति जगवंदन ... सिद्धि सदन गजवदन विनायक | कृपा सिंधु सुंदर सब लायक॥ गाइये गणपति जगवंदन ... मोदक प्रिय मुद मंगल दाता | विद्या…
ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता | जो नर तुमको ध्यावता, मनवंछित फल पाता | चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता | शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता | पुत्र सगर के तारे सब जग को…
सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी, कोई तेरा पार न पाया || टेक || पान सुपारी ध्वजा नारियल ले, तेरी भेंट चढ़ाया || सुन || सारी चोली तेरे अंग बिराजे, केसर तिलक लगाया || सुन || ब्रह्मा वेद…
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा . माता जाकी पारवती पिता महादेवा एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी . पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा…
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की जय जय संतोषी माता जय जय मां बड़ी ममता है बड़ा प्यार मां की आँखों में बड़ी करुणा माया दुलार मां की आँखों में क्यूं न देखूं बारम्बार मां की…