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।।चौपाई।। श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय । नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय ।। जय जय रवि शशि सोम बुध जय गुरु भृगु शनि राज । जयति राहु अरु केतु ग्रह करहुं अनुग्रह आज ।।…