उत्तराखंड: दीपावली पर आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग अलर्ट


उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर धामी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है।
देहरादून: उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर धामी सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के सभी मदरसों के लिए प्राधिकरण और शिक्षा विभाग से मान्यता एवं पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब तक करीब 190 मदरसा संचालकों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इनमें से 35 से 45 मदरसों को प्रमाणपत्र भी जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने मदरसों के पंजीकरण के लिए 30 अक्टूबर की अंतिम तिथि निर्धारित की थी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बावजूद जो मदरसे नई व्यवस्था के तहत नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को नियमानुसार संचालित करना और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
स्रोत: प्रसार भारती (पीबी-शब्द)
संपादक, आज की दिल्ली







