शीर्षक: वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण की मुश्किलें बढ़ीं, रूसी विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो साझा करने के आरोप में FIR दर्ज


आगामी कुंभ मेले से पहले धर्मनगरी हरिद्वार को एक रंग एक रूप देने की तैयारी हो रही है। जिसके लिए अलग-अलग चरणों में कार्य किया जा रहा है।
आगामी कुंभ मेले से पहले धर्मनगरी हरिद्वार को एक रंग एक रूप देने की तैयारी हो रही है। जिसके लिए अलग-अलग चरणों में कार्य किया जा रहा है।
04 नवम्बर 2026, हरिद्धार: आगामी कुंभ मेले से पहले धर्मनगरी हरिद्वार को एक रंग एक रूप देने की तैयारी हो रही है। जिसके लिए अलग-अलग चरणों में कार्य किया जा रहा है।
इसके लिए शहर की प्राचीन इमारतों को एक ही रंग दिया जा रहा है। इसके साथ ही हाइवे के फ्लाईओवर और रेल अंडर पास पर देवी देवताओं और ऋषि मुनियों की तस्वीरें बनाई जा रहीं हैं। उद्देश्य है कि शहर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान और प्राचीन परंपराओं की झलक दिखाई दे और लोगों को चित्रों के माध्यम से सनातन धर्म की सभ्यता और संस्कृति के बारे में जानकारी मिल सके।
खासकर हरकी पैड़ी समेत सभी गंगा घाट और कनखल क्षेत्र की करीब 150 साल पुरानी इमारतों को एकरूप रंग दिया जा रहा है। वहीं, हाईवे पर बने फ्लाईओवर की दीवारों को धार्मिक चित्रकारी से सजाया जा रहा है। कुंभ मेला प्रशासन ने बताया कि नवंबर के अंत तक रंगाई-पुताई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं रंगाई-पुताई के बाद शहर की जो तस्वीरें नज़र आ रही हैं, उन्हें देखकर स्थानीय लोग भी उत्साहित हैं।
बता दे कि कनखल अपनी प्राचीन धार्मिक विरासत, मठों, मंदिरों और अखाड़ों के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां कई ऐसी पुरानी इमारतें हैं, जो वर्षों से क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही हैं। इन इमारतों को एक समान स्वरूप देने के लिए पीले रंग से रंगाई-पुताई की जा रही है। इसके साथ ही दुकानों और प्रतिष्ठानों के बोर्ड भी भगवा रंग में तैयार किए जा रहे हैं।
स्रोत: प्रसार भारती (पीबी-शब्द)
संपादक, आज की दिल्ली







