सामग्री पर जाएँ
Aaj Ki Delhi
धर्म

जाने पूर्व वास्तु दोष (The former architectural flaw)

Journalist Today Network1 मिनट में पढ़ें

आचार्य रणजीत स्वामी 1 वास्तु के अनुसार घर का पूर्वी भाग अन्य भागों से नीचा होना चाहिये, जिससे कि सूर्य की गर्मी, ऊर्जा और प्रकाश का पूरे घर को लाभ मिल सके। 2 घर के पूर्वी भाग को यथासंभव साफ और खाली रखें। साथ ही पूर्व की बाउंड्री वाल दक्षिण और पश्चिम भाग से नीची होनी चाहिए।
3 यदि घर का पूर्वी भाग ऊंचा हो, तो घर में दरिद्रता आती है तथा संतान अस्वस्थ हो जाती है।4 पूर्वी दिशा में बने हुए मुख्य द्वार तथा अन्य द्वार भी सिर्फ पूर्वाभिमुखी हो तो शुभ परिणाम मिलते हैं।। 5 पूर्वी दिशा में कुंआ, बोरिंग, सैप्टिक टैंक, अंडर ग्राउंड टैंक, बैसमेंट का निर्माण करवाना चाहिए।6 पूर्वमुखी घर अच्छे माने जाते है। ऐसे घर में रहने वाले धन-धान्य, प्रगति और ऐश्वर्य पाते है। 7 पूर्वाभिमुखी भवन में चारदीवारी ऊंचा नहीं होनी चाहिए एवं मुख्य द्वार सड़क से दिखना चाहिए। 8 दिशा दोष निवारणार्थ सूर्य यंत्र की स्थापना करे।9 सूर्य को अर्ध्य दे एवम् सूर्य उपासना करे।10 पूर्वी दरवाजे पर वास्तु मंगलकारी तोरण लगाये।

Aaj Ki Delhi.in/ The 24x7 news/ Indian news Online/ Prime News.live/Astro Dharm/ Yograaj Sharma/ 7011490810

धर्म की और ख़बरें

सभी देखें