विषय
चार्य रणजीत स्वामी नेऋत्य दिशा का स्वामी राहु है । यह काल पुरुष के दोनों पांवो की एड़ियां एवम् नितम्ब को प्रभावित करता है।1 नेऋत्य हमेशा भारी रहना चाहिए। परंतु यदि वहा खाली जगह है…
आचार्य रणजीत स्वामी दक्षिणी दिशा काल पुरूष का बाया सीना, किडनी, बाया फेफड़ा आते है। एवं कुण्डली का दशम घर है। कन्या, कर्कऔर मकर राशि वालो को दक्षिण मुखी भवन बनाना चाहिए।1…
आचार्य रणजीत स्वामी 1 यदि पूर्वी आग्नेय का विस्तार पूर्वाभिमुखी होतो पुरूष संतति की मृत्यु होकर गृहस्वामी महिला सदस्य को मिलता है।2 आग्नेय ब्लाॅक के लिए यदि पुरब-आग्नेय का मार्ग…
आचार्य रणजीत स्वामी 1 वास्तु के अनुसार घर का पूर्वी भाग अन्य भागों से नीचा होना चाहिये, जिससे कि सूर्य की गर्मी, ऊर्जा और प्रकाश का पूरे घर को लाभ मिल सके। 2 घर के पूर्वी भाग को…
आचार्य रणजीत स्वामी आज के भौतिक युग में एक फैशन सा हो गया है कि लोग उन्हे जाने, पहचाने, मान दे, सम्मान दें अर्थात् हर व्यक्ति चाहता है एक यथोचित प्रसिद्धि।लोगों मे योग्यता भी होती…
संकलन - आचार्य रणजीत स्वामी धूप का मजा लेना हो या हवाओं से खुद को तरोताजा करना हो, घर की छत पर तो आप जाते ही होंगे। इसके लिए घर में सीढ़ी बनी होगी। लेकिन क्या आपके घर की सीढ़ी…