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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में 13वीं गिरफ्तारी, करनाल से 22 वर्षीय युवती सुबेहा पंडित गिरफ्तार

योगराज शर्मा2 मिनट में पढ़ें

हरियाणा पुलिस की मदद से मुंबई क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज; अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई/करनाल। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हरियाणा के करनाल जिले से 22 वर्षीय युवती सुबेहा पंडित को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवती का कथित तौर पर संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों से संबंध सामने आया है।

1 नवंबर को करनाल से हुई गिरफ्तारी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई क्राइम ब्रांच ने हरियाणा पुलिस की सहायता से 1 नवंबर को करनाल में कार्रवाई कर सुबेहा पंडित को हिरासत में लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाली तीसरी महिला आरोपी बताई जा रही है। इससे पहले दो अन्य महिलाओं को कथित तौर पर हथियारों की आपूर्ति से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।

18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर चली थीं गोलियां

यह घटना 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल ग्राउंड से अपनी कार में निकल रहे थे, तभी दो बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर पांच राउंड फायरिंग की।

इस हमले में अभिनेता बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। घटना के बाद जुहू पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आया सामने

फायरिंग की घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। पुलिस इस मामले में गैंग के कथित नेटवर्क, हमलावरों, हथियारों की सप्लाई और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।

पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) की धाराएं भी लगाई हैं। अनिल पंडित को भी मामले में वांछित आरोपी बताया गया है।

कई राज्यों में चल रही है जांच

इस मामले में पुलिस राजस्थान के कोटा, दिल्ली, हरियाणा के सोनीपत और अब करनाल तक कार्रवाई कर चुकी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग की साजिश में कौन-कौन शामिल था और आरोपियों को आर्थिक तथा हथियारों से जुड़ी मदद किसने उपलब्ध कराई।

अब जांच का मुख्य केंद्र इस कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना और फायरिंग के पीछे शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना है।

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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