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48 घंटे तक चला समुद्री रेस्क्यू ऑपरेशन, 3,000 किलोमीटर दूर भारतीय नौसेना और वायुसेना ने मिलकर चलाया अभियान
नई दिल्ली। भारत और ईरान की दोस्ती की एक नई मिसाल उस समय देखने को मिली, जब भारतीय नौसेना ने अरब सागर में सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित मुक्त करा लिया। इस सफल अभियान के बाद भारत में ईरान के दूतावास ने भारतीय सशस्त्र बलों का आभार जताते हुए उनके साहस, पेशेवर क्षमता और आपसी तालमेल की सराहना की है।
यह अभियान ऐसे समय में हुआ है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। भारत की इस कार्रवाई को मानवीय सहायता और समुद्री सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान का मछली पकड़ने वाला जहाज 'अजिनी' (Azini) 29 अक्टूबर 2026 को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे में आ गया था। जहाज पर सवार ईरानी चालक दल के सदस्यों को बंधक बना लिया गया था। इस घटना से अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने तत्काल कार्रवाई की। मुंबई से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर समुद्र में चलाए गए इस अभियान में नौसेना के युद्धपोत, समुद्री निगरानी विमान और भारतीय वायुसेना ने सहयोग किया।
नौसेना ने लगातार निगरानी करते हुए जहाज का पता लगाया और उसे समुद्री लुटेरों से मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की। अभियान में भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से मरीन कमांडो को भी उतारा गया। करीब 48 घंटे तक चले इस संयुक्त अभियान के बाद 2 नवंबर को जहाज और चालक दल को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, अभियान में 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया गया।
भारत की इस कार्रवाई के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर भारत का आभार जताया। ईरान ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, पेशेवर रवैये और प्रभावी समन्वय की प्रशंसा की।
ईरान ने कहा कि यह मानवीय अभियान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता, एकजुटता और सहयोग की भावना को दर्शाता है। साथ ही, बचाव अभियान में शामिल सभी भारतीय जवानों और अधिकारियों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
सोमालिया के आसपास समुद्री लूटपाट की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना का यह अभियान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता और मानवीय जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि भारत अपनी समुद्री सीमाओं से दूर संकट में फंसे लोगों की सहायता के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा सकता है।
संपादक, आज की दिल्ली







