शीर्षक: IND vs NZ: हवा में तैरकर विराट कोहली ने एक हाथ से लपका हैरतअंगेज कैच, फिर 'धनुष-बाण' वाले जश्न से लूटी महफिल


नई दिल्ली: भारत आने वाले वर्षों में सोलर पैनल और सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इंडियन सोलर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) की नवीनतम रिपोर्ट 'सोलर मैन्युफैक्चरिंग विजन 2047' के अनुसार, देश के घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में साल 2047 तक लगभग 89 अरब डॉलर (करीब 8.42 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश आने का अनुमान है। इस व्यापक निवेश से देश भर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 32.3 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सोलर उपकरणों के घरेलू उत्पादन में तेजी आने से 2040 के दशक की शुरुआत तक भारत के सालाना सोलर आयात बिल में 95 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट आ सकती है, जो वर्तमान में करीब 4.4 अरब डॉलर है। इसके लिए सोलर पैनलों के साथ-साथ सोलर सेल, इनगॉट, वेफर और पॉलीसिलिकॉन का देश के भीतर बड़े पैमाने पर उत्पादन जरूरी होगा।
आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता साल 2047 तक बढ़कर 2,275 गीगावॉट (GW) तक पहुंच सकती है, जो वर्तमान में लगभग 172 गीगावॉट के करीब है। भारत पहले ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सोलर पावर उत्पादक देश बन चुका है।
विशाल निवेश व नौकरियां: वर्ष 2047 तक सोलर सेक्टर में ₹8.42 लाख करोड़ का निवेश और 32.3 लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान।
आयात बिल में 95% कटौती: सोलर सेल और उपकरणों का देश में उत्पादन बढ़ने से चीन सहित अन्य देशों से आयात पर निर्भरता लगभग खत्म होगी।
सौर क्षमता में बड़ा उछाल: देश की सोलर ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़कर 2,275 गीगावॉट तक पहुंचने की संभावना।
प्रतिवर्ष निवेश की आवश्यकता: क्षमता विस्तार के लिए 2027 से 2047 के बीच सालाना औसतन 4.3 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत होगी।
सोलर सेक्टर भारत (India Solar Sector)
सोलर मैन्युफैक्चरिंग विजन 2047 (Solar Manufacturing Vision 2047)
आईएसएमए रिपोर्ट (ISMA Report India)
सोलर नौकरियां (Solar Energy Jobs in India)
सौर ऊर्जा निवेश (Solar Power Investment)
सोलर पैनल उत्पादन (Solar Panel Manufacturing India)
बिजनेस न्यूज हिंदी (Business News in Hindi)
अक्षय ऊर्जा भारत (Renewable Energy India)
संपादक, आज की दिल्ली







