10 साल में 10 शेयरों ने निवेशकों को दिया बड़ा झटका, ₹1 लाख घटकर रह गए सिर्फ ₹6,500; अनिल अंबानी की कंपनी भी सूची में


नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026: लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स दोपहर के कारोबार में 1,057 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी में भी 1.27 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में खरीदारी लौटने से निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखाई दिया।तेजी के पीछे क्या रहे प्रमुख कारण?
1. LTCG टैक्स में बदलाव की उम्मीद
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स की समीक्षा को लेकर वित्त मंत्री के बयान से निवेशकों में उम्मीद बढ़ी है। विदेशी निवेशक लंबे समय से टैक्स व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार के विचार करने की संभावना ने बाजार की धारणा को समर्थन दिया।
2. विदेशी निवेशकों की खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार, 2 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,115 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को मजबूती मिली और खरीदारी का माहौल बना।
3. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें हाल के ऊंचे स्तर से नीचे बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में नरमी से आयात बिल और महंगाई के दबाव में राहत की उम्मीद रहती है।
4. रुपये में मजबूती
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में भी सुधार दर्ज किया गया। इससे निवेशकों की धारणा को सकारात्मक सहारा मिला।
5. चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी
कारोबार के दौरान भारती एयरटेल, ICICI बैंक, HDFC बैंक, एशियन पेंट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में अच्छी तेजी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार में आई तेजी से निवेशकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन इसे लगातार तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। वैश्विक आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के नतीजे आगे भी बाजार की दिशा तय करेंगे।
विषय
संपादक, आज की दिल्ली







