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40 एकड़ के एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर विवाद, रिटायरमेंट से पहले पूर्व वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने राजनाथ सिंह से की अपील

योगराज शर्मा2 मिनट में पढ़ें

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के नजदीक स्थित भारतीय वायुसेना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की थी कि इस जमीन का नियंत्रण भारतीय वायुसेना के पास ही रहने दिया जाए। करीब 40 एकड़ में फैले इस परिसर को लेकर रक्षा क्षेत्र में भी चिंता जताई जा रही है।

रिटायरमेंट से पांच दिन पहले लिखा था पत्र

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 को एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस मामले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया था। वह 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने दलील दी थी कि रेसकोर्स एयरफोर्स स्टेशन की जमीन और वहां मौजूद सुविधाएं वायुसेना की प्रशासनिक एवं परिचालन जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

एयरफोर्स स्टेशन की अहम भूमिका का दिया हवाला

पूर्व वायुसेना प्रमुख ने पत्र में बताया कि इस स्टेशन से एयर हेडक्वार्टर और 5,000 से अधिक वायुसेना कर्मियों को प्रशासनिक सहायता मिलती है। यहां जवानों और उनके परिवारों के लिए आवास, एयरमैन और अग्निवीरवायु के प्रशिक्षण केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल सेंटर, स्कूल और कैंटीन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा स्टेशन की सुरक्षा और परिचालन संबंधी जिम्मेदारियां भी महत्वपूर्ण हैं।

खेल परिसर में गोल्फ कोर्स से लेकर स्विमिंग पूल तक

करीब 40 एकड़ में फैले एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गोल्फ कोर्स, गेस्ट कॉटेज, स्विमिंग पूल, फिटनेस सेंटर और रेस्तरां जैसी सुविधाएं हैं। जमीन वापस लेने की प्रक्रिया के बीच परिसर को पिछले महीने सदस्यों के लिए बंद कर दिया गया था।

इसका असर पूर्व वायुसेना प्रमुख एपी सिंह के विदाई कार्यक्रम पर भी पड़ा। 28 अक्टूबर को प्रस्तावित उनका विदाई गोल्फ कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

इस मामले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लंबा इतिहास रहा है और यह भारतीय वायुसेना के सामाजिक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सरकार के इस कदम को वायुसेना परिवार के प्रति अनादर बताया।

दिल्ली में सरकारी जमीनों को वापस लेने की प्रक्रिया

रिपोर्ट के मुताबिक, आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय (MoHUA) प्रधानमंत्री आवास के आसपास की कई प्रमुख जमीनों को वापस लेने की प्रक्रिया में जुटा है। इनमें दिल्ली जिमखाना क्लब और जयपुर पोलो ग्राउंड जैसी संपत्तियां भी शामिल हैं।

हालांकि, एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन वापस लेने के पीछे मंत्रालय ने सार्वजनिक रूप से विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किया है। ऐसे में यह मामला प्रशासनिक, रणनीतिक और सैन्य दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्य सवाल यह है कि क्या इस जमीन का उपयोग वायुसेना की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखकर जारी रखा जाएगा या इसे किसी अन्य सार्वजनिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाएगा?

योगराज शर्मा

संपादक, आज की दिल्ली

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