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॥दोहा॥ जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू ॥ जै गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥…
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे।…
॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ जय यदुनंदन…
।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी…
॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ जयति जयति…
॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं। सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥ ॥ चौपाई ॥…
|| दोहा || नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदंब। संत जनों के काज में, करती नहीं बिलंब॥ || चौपाई || जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदि शक्ति जगबिदित भवानी॥ सिंह वाहिनी जय जगमाता। जय जय…
जयपुर। श्री चमत्कारेश्वर मन्दिर सार्वजनिक सेवा समिति के तत्वाधान में झोटवाडा रोड स्थित श्री चमत्कारेश्वर महादेव मन्दिर में शनिवार को पौष बडा प्रसादी का आयोजन किया गया। जिसमें…
गाइये गणपति जगवंदन | शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥ गाइये गणपति जगवंदन ... सिद्धि सदन गजवदन विनायक | कृपा सिंधु सुंदर सब लायक॥ गाइये गणपति जगवंदन ... मोदक प्रिय मुद मंगल दाता | विद्या…
ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता | जो नर तुमको ध्यावता, मनवंछित फल पाता | चन्द्र सी ज्योत तुम्हारी जल निर्मल आता | शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता | पुत्र सगर के तारे सब जग को…
सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी, कोई तेरा पार न पाया || टेक || पान सुपारी ध्वजा नारियल ले, तेरी भेंट चढ़ाया || सुन || सारी चोली तेरे अंग बिराजे, केसर तिलक लगाया || सुन || ब्रह्मा वेद…
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा . माता जाकी पारवती पिता महादेवा एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी . पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा…
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की जय जय संतोषी माता जय जय मां बड़ी ममता है बड़ा प्यार मां की आँखों में बड़ी करुणा माया दुलार मां की आँखों में क्यूं न देखूं बारम्बार मां की…
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे | खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे || ॐ रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे | तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े || ॐ गल पुष्पों की माला…