धर्ममहोत्सव में लोगों ने पौंड्रिक उद्यान में झूलों महिलाओं ने मेहंदी, राजस्थानी गीतों, तेरहताली, घूमर और लोकनृत्य का आनंद लिया31 जुल॰ 2014